चापलूसी जमकर करो मगर ये गुंजाइश रहे, जब कभी नेताजी मिलें तो शर्मिंदा न हों…
धामी कैबिनेट में शामिल होते ही कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, नेगी हो गए। न जाने क्यों वे बत्रा से नेगी बने ये तो बेशक वो नहीं जानते होंगे लेकिन उनके वो शुभचिंतक जरूर जान गए हैं। जी हां यकीन मानिए ये बैनर बता रहा है कि चापलूसी की भी हद होती है लेकिन सियासी गलियारे…
