उत्तराखंड में बिजली सस्ती: होटल-उद्योगों को UERC से बड़ी राहत, दरें घटीं

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उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने वित्तीय वर्ष के लिए बिजली के नए टैरिफ का ऐलान कर दिया है। सबसे राहत की बात यह है कि इस बार घरेलू और कमर्शियल समेत किसी भी श्रेणी में बिजली की दरों को नहीं बढ़ाया गया है। इसके विपरीत, पर्यटन उद्योग और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बिजली की दरों में कमी की गई है। आयोग ने ऊर्जा निगम के 17.40% बढ़ोतरी के प्रस्ताव को खारिज करते हुए उपभोक्ताओं को महंगाई के बोझ से बचा लिया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू हो गई हैं।

पर्यटन और होटल उद्योग को ‘सीजनल’ राहत

आयोग ने इस बार पर्यटन सेक्टर को बड़ी सौगात दी है। अब होटल और रेस्टोरेंट्स को ‘सीजनल इंडस्ट्री’ का दर्जा दिया गया है। इसके तहत ऑफ सीजन (1 नवंबर से 31 मार्च तक) के दौरान होटल और रेस्टोरेंट्स को फिक्स चार्ज पर भारी छूट मिलेगी। इसका सीधा लाभ प्रदेश के लगभग 4,915 होटलों, 5,707 होम स्टे और 2,000 रेस्टोरेंट्स को मिलेगा।

उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के लिए नई व्यवस्था

उद्योगों के लिए बिजली दरें 6.85 रुपये से घटाकर 6.60 रुपये प्रति यूनिट की गई हैं। साथ ही, 25 किलोवाट से अधिक लोड वाले उद्योगों को सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक बिलिंग में 22.5% की छूट देने का प्रावधान किया गया है। सरकारी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के लिए भी बिलिंग की नई श्रेणी बनाई गई है, जहां बिजली दर 6 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।

किसानों और ग्रीन एनर्जी के लिए बदलाव

  • किसानों के लिए: निजी ट्यूबवेल के बिल भुगतान के पैटर्न में बदलाव किया गया है। अब किसानों को बिजली का बिल छमाही (6 महीने) के बजाय हर तिमाही (3 महीने) में जारी किया जाएगा।
  • ग्रीन एनर्जी: जो उपभोक्ता पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) का उपयोग करना चाहते हैं, उन्हें अब सामान्य दरों के मुकाबले 0.39 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त भुगतान करना होगा।