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दिल्ली–यमुनोत्री हवाई सेवा में देरी, चारधाम शटल और पिथौरागढ़ उड़ान पर तैयारी

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चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के प्रयासों के तहत दिल्ली से यमुनोत्री हवाई सेवा की शुरुआत में विलंब हो रहा है। हालांकि निजी हेलीकॉप्टर ऑपरेटर स्काईहाप कंपनी ने उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ से खरसाली–झाला तक हेली सेवाएं चलाने में रुचि जताई है, लेकिन अभी इनकी योजना पूरी तरह से धरातल पर नहीं उतर पाई है। सरकार चारों धाम के लिए चार्टेड विमान और शटल सेवाओं के साथ यातायात दबाव कम करने पर जोर दे रही है। केदारनाथ व बदरीनाथ के लिए शटल सेवाएं भी पहले से या निर्धारित कर दी गई हैं। केदारनाथ तक गुप्तकाशी से शटल सेवाएं पहले से चल रही हैं, जबकि बदरीनाथ मार्ग पर सीमित पार्किंग और संकरे रास्तों को देखते हुए नियंत्रित शटल संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और एजेंसियों का चयन भी हो गया है। इसके अलावा पिथौरागढ़ उड़ान सेवा को मजबूत करने के लिए भी तैयारी चल रही है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए जुड़ाव आसान हो सके। सरकार का लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा में यातायात दबाव, दुर्घटनाओं और लंबी यात्रा समय को कम किया जा सके, जिससे तीर्थयात्री विशेष रूप से बुजुर्ग और परिवारवालों के लिए यात्रा आसान व सुरक्षित बन जाए।

गंगोत्री और यमुनोत्री अभी भी ऐसे धाम बने हुए हैं, जहां तक चारधाम यात्रा के लिए अभी तक शटल सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। इन धामों पर अभी केवल चार्टेड हवाई और निजी हेलीकॉप्टर सेवाओं के ज़रिए ही यात्री आवाजाही कर सकते हैं। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास परिषद (यूकाडा) को कुछ समय पहले स्काईहाप कंपनी ने दिल्ली–चिन्यालीसौड़–खरसाली–झाला मार्ग पर 19‑सीटर छोटे हवाई जहाज की सेवा चलाने का प्रस्ताव दिया था। योजना यह थी कि इस विमान के ज़रिए यात्री दिल्ली से सीधे चिन्यालीसौड़ पहुंचें, फिर वहां से खरसाली और झाला तक हेलीकॉप्टर सेवाओं के ज़रिए उन्हें गंगोत्री व यमुनोत्री की ओर ले जाया जाए। हालांकि, इस पूरे मार्ग पर अभी तक डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation) स्तर से स्वीकृति नहीं मिल पाई है, इसलिए यह योजना धरातल पर उतरने के लिए और समय ले रही है। सीईओ यूकाडा आशीष चौहान के अनुसार, पहले इस योजना को फरवरी तक लाने की उम्मीद थी, लेकिन नियामक मंजूरियों और तकनीकी औपचारिकताओं में समय लगने के कारण अभी विलंब बना हुआ है। इस संदर्भ में सरकार और निजी ऑपरेटर दोनों कोशिश कर रहे हैं कि गंगोत्री‑यमुनोत्री मार्ग पर हवाई सेवा जल्द से जल्द चालू हो सके, ताकि बुजुर्ग व शारीरिक रूप से कमज़ोर श्रद्धालुओं के लिए दूर–दूर तक भागने वाली लंबी यात्रा थोड़ी हल्की और आसान बन जाए।