उत्तराखंड में बिजली बिल झटका: घरेलू, कमर्शियल और कृषि उपभोक्ताओं की बिजली महंगी

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उत्तराखंड के उपभोक्ताओं को अगले महीने यानी अप्रैल से बिजली के बिल में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। यूपीसीएल (UPCL) ने ‘फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट’ (FPPC) के तहत सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के बिल में 11 पैसे से लेकर 47 पैसे प्रति यूनिट तक की वसूली का आदेश जारी किया है। यह बढ़ोतरी पिछले महीने बाजार से महंगी दरों पर बिजली खरीदे जाने के कारण की जा रही है, जिसकी भरपाई अब उपभोक्ताओं से सरचार्ज के रूप में की जाएगी। हालांकि, राहत की बात यह है कि अप्रैल में होने वाली यह बढ़ोतरी मार्च की तुलना में थोड़ी कम होगी।

उत्तराखंड के उपभोक्ताओं को अगले महीने यानी अप्रैल से बिजली के बिल में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। यूपीसीएल (UPCL) ने ‘फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट’ (FPPC) के तहत सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के बिल में 11 पैसे से लेकर 47 पैसे प्रति यूनिट तक की वसूली का आदेश जारी किया है। यह बढ़ोतरी पिछले महीने बाजार से महंगी दरों पर बिजली खरीदे जाने के कारण की जा रही है, जिसकी भरपाई अब उपभोक्ताओं से सरचार्ज के रूप में की जाएगी। हालांकि, राहत की बात यह है कि अप्रैल में होने वाली यह बढ़ोतरी मार्च की तुलना में थोड़ी कम होगी।

आज जारी होंगी बिजली की नई वार्षिक दरें

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग मंगलवार को नए वित्तीय वर्ष के लिए बिजली की नई दरों की घोषणा करेगा, जो 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगी। गौरतलब है कि ऊर्जा निगमों (UPCL, UJVNL और PITCUL) ने आयोग से कुल 18.50% की बढ़ोतरी की मांग की थी। आयोग ने इस प्रस्ताव पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जनसुनवाई करने के बाद अपना अंतिम निर्णय लिया है, जिसका खुलासा आज किया जाएगा।

क्यों बदलते हैं हर महीने दाम?

देशभर के ऊर्जा निगमों के लिए यह नियम है कि वे बाजार से जिस दाम पर बिजली खरीदते हैं, उसका सामंजस्य उपभोक्ताओं के बिल के माध्यम से किया जाता है। यदि बिजली निर्धारित दरों से महंगी खरीदी जाती है, तो उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली होती है और यदि सस्ती मिलती है, तो उन्हें छूट दी जाती है। वर्तमान में मांग के मुकाबले उपलब्धता कम होने के कारण बाजार से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।