बिजली के जिस स्मार्ट मीटर से आम जनता दो चार हो रही है आए दिन महकमें के साथ- साथ चिक-चिक-झिक झिक हो रही है उस स्मार्ट मीटर को लेकर गैरसैंण विधानसभा में भी जनप्रति गरजे. प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने टिहरी विस्थापितों की पैरोकारी की . नेगी ने हनुमताराव कमेटी की संस्तुति को आधार बनाते हुए तत्कालीन केंद्र सरकार की कैबिनेट का हवाला देते हुए टिहरी की जनता को मुफ्त बिजली पानी देने की बात कही। नेगी ने कहा विस्थापितों को मुफ्त बिजली पानी देना मंजूर हुआ था बावजूद इसके टिहरी की जनता से बिजली पानी के पैसे वसूले जा रहे हैं. जबकि टिहरी में जनता इसके खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रही है। वहीं हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने स्मार्ट मीटर के बारे में सरकार से सवाल किया कि सरकार साफ-साफ उत्तर दे कि स्मार्ट मीटर जरूरी है या जबरन थोपे जाएंगे.
वहीं ज्वालापुर विधायक इंजीनियर रवि बाहदुर ने भी स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज की. उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि बिजली महकमा बिल का बकाया भुगतान की वसूली के लिए तो कनेक्शन काट रहा है जबकि दूसरी ओर शुगर मिल किसान का बकाया भुगतान नहीं कर रही है. बहदुर ने कहा किसानों का गन्ना भुगतान दिलाओ तो किसान बिजली का बिल भी आसानी से दे देगा वहीं हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने भी स्मार्ट मीटर को लगाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। रावत ने कहा किसानो पर स्मार्ट मीटर बोझ है। विपक्ष ने स्मार्ट मीटर पर नियम 58 के तहत विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। उधर सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने स्मार्ट मीटर की वकालत की . बहरहाल बिजली का स्मार्ट मीटर सड़क से लेकर सदन तक बहस का झटका दे रहा है।
