उत्तराखंड के चकराता-मसूरी-त्यूणी हाईवे पर कांडा बैंड के पास शुक्रवार रात एक भयावर्क हादसा हो गया, जिसमें एक सवारी गाड़ी यानी ट्रेक्टर करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में त्यूणी के निवासी महेश थापा (लगभग 50 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घटना का पता शनिवार सुबह तब चला जब स्थानीय ग्रामीण पशुपालक जंगल में चारा-पत्ती लेने गए और खाई में गिरी गाड़ी को देखा। थाना पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, शव को बरामद किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया, साथ ही आसपास सर्च ऑपरेशन चलाकर जांच कर रही है कि वाहन में अन्य कोई सवार था या नहीं।
महेश थापा त्यूणी की माटल बस्ती के रहने वाले थे और वे शुक्रवार रात किसी सवारी को छोड़ने चकराता रोड की ओर गए थे। वापसी के दौरान त्यूणी से करीब छह किलोमीटर दूर कांडा बैंड पर उनका ट्रेक्टर अनियंत्रित हो गया, शायद अंधेरे या सड़क की खराब स्थिति के कारण, और गहरी खाई में समा गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह हाईवे पहाड़ी इलाके में होने से बेहद खतरनाक है, जहां अक्सर उबड़-खाबड़ रास्ते, गहरी खाइयां और रात के समय कम विजिबिलिटी के कारण हादसे होते रहते हैं। एसडीआरएफ टीम ने भी रेस्क्यू में मदद की, लेकिन मौके पर ही मौत होने से कुछ न हो सका।
यह हादसा उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा के मुद्दे को फिर उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर साइन बोर्ड, लाइटिंग और बैरियर की कमी बड़ी वजह है। पुलिस ने वाहन चालकों से रात में सावधानी बरतने और स्पीड कंट्रोल करने की अपील की है। त्यूणी समुदाय में शोक की लहर है, महेश के परिवार को सांत्वना दी जा रही है। जिले के आला अधिकारी मामले की गहन जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें। कुल मिलाकर, यह घटना पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताती है।
