देहरादून में अब धरना-प्रदर्शन, जुलूस, शोभायात्रा, रैली, नारेबाज़ी और बिना अनुमति लाउडस्पीकर का प्रयोग किया तो उसकी खैर नहीं। दरअसल, देहरादून पुलिस ने आगामी शीतकालीन यात्रा, पर्यटन सीजन, क्रिसमस, नव वर्ष और स्कूलों की छुट्टियों को देखते हुए राजधानी देहरादून में धरना-प्रदर्शनों, जुलूस और रैलियों पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान देहरादून में भारी संख्या में पर्यटकों के आने की संभावना है, लिहाजा ऐसे में धरना प्रदर्शन के कारण शहर का वातावरण अशांत और यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन पर होगी कड़ी वैधानिक कार्रवाई
राजधानी दून के घंटाघर, गांधी पार्क, परेड ग्राउंड और आसपास के क्षेत्र, कनक चौक, एस्ले हाल चौक, दर्शन लाल चौक, तहसील चौक, बुद्धा चौक सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। इन स्थानों पर धरना प्रदर्शन, जुलूस, शोभायात्रा, रैली, नारेबाज़ी और बिना अनुमति लाउडस्पीकर के प्रयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी….पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का आयोजन करने पर आयोजकों के खिलाफ BNS की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही ऐसे आयोजनों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं, दून पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शहर के संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गतिविधि करने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य है, अन्यथा कार्रवाई अपरिहार्य होगी।
