उत्तराखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन कड़ाके की ठंड में सिकुड़ा नजर आ रहा है, लगातार गिर रहा तापमान अब पर्वतीय जन-जीवन की मूल आवश्यक्ताओं पर हावी हो रहा है। इसी क्रम में प्रसिद्ध जागेश्वर धाम क्षेत्र में तापमान के माइनस पहुंचने से धाम क्षेत्र की प्रसिद्ध जटा गंगा जम कर ठोस बर्फ का रुप ले चुकी है। आपको बता दें कि बीते कई दिनों से जागेश्वर धाम क्षेत्र के बाजार और मंदिर परिसर के आसपास का तापमान लगातार गिर रहा है, लिहाजा कड़ाके की सर्दी के कारण शीतलहर का प्रकोप धाम क्षेत्र को जकड़े हुए है। शीतलहर के कारण सुबह और देर शाम के समय इलाके में ठंड बढ़ जाती है और इलाके में सन्नाटा पसर जाता है।
हालांकि, प्रसिद्ध जटा गंगा के जम जाने के कारण यह श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। वहीं जागेश्वर धाम क्षेत्र की पेयजल लाइनें भी पूरी तरह से जम चुकी हैं लिहाजा लोगों को अपनी दैनिक आवश्यक्ताओं को पूरा करने में खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शीतलहर की जकड़न में उत्तराखंड
वहीं जागेश्वर धाम परिसर में दर्शनार्थी भी गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं, तो वहीं मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। शीतलहर का प्रकोप स्थानीय व्यापार में भी साफ दिखाई दे रहा है, छोटे दुकानदारों की आवाजाही ठंड के कारण कम हो चुकी है। ठंड का असर स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी प्रभावित कर रहा है, वहीं मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक शीतलहर से राहत मिलने की संभावना कम है। प्रशासन ने शीतलहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नागरिकों से अनावश्यक तौर से सुबह और रात के समय बाहर निकलने से परहेज करने तथा बुजुर्गों और बच्चा का विशेष ध्यान रखने की अपील करी है। इसके अतिरिक्त प्रशासन ने नागरिकों से ठंड से बचने के पर्याप्त इंतजामात पुख्ता करने की भी अपील करी है।
