उत्तराखंड के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के सवाल के जवाब में सरकार ने जानकारी दी है कि ‘डिजिटल भारत निधि’ के तहत प्रदेश में 557 नए मोबाइल टावर लगाए गए हैं। इन टावरों के चालू होने से उत्तराखंड के 1,231 गांवों में पहली बार हाई-स्पीड 4G मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू हो गई है। यह कदम सीमावर्ती और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने में क्रांतिकारी साबित होगा।
प्रदेश में 4G और 5G नेटवर्क का विस्तार
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड के कुल 16,456 गांवों में से अब 16,305 गांवों तक 4G मोबाइल सेवाएं पहुंच चुकी हैं, जो लगभग शत-प्रतिशत कवरेज के करीब है। इतना ही नहीं, प्रदेश के विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए एक-तिहाई गांवों (लगभग 4,729 गांवों) में आधुनिक 5G सेवाएं भी सफलतापूर्वक शुरू कर दी गई हैं।
भारतनेट परियोजना से पंचायतों को मिल रहा ब्रॉडबैंड
गांवों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए ‘भारतनेट परियोजना’ को उत्तराखंड में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। सरकार ने बताया कि 28 फरवरी 2026 तक उत्तराखंड की 1,993 ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के लिए तैयार कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूल, अस्पताल और पंचायत कार्यालय सीधे इंटरनेट से जुड़ सकेंगे, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ ऑनलाइन मिलना आसान हो जाएगा।
