अंकिता भंडारी मामले में कथित ‘VVIP गट्टू’ वीडियो ने उत्तराखंड की सियासत में नया तूफ़ान खड़ा कर दिया है। इस वीडियो में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी बताई जा रही उर्मिला नाम की महिला किसी “VVIP गट्टू” का ज़िक्र करती दिखती है, जिसके इशारे पर अंकिता की हत्या होने का दावा किया जा रहा है। इस आरोप के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और मामला फिर से बहस के केंद्र में आ गया है।
पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ ने इसे साज़िश बताते हुए कहा है कि पिछले दो दिनों से उनके खिलाफ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से फर्जी वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य उनकी और भाजपा की छवि धूमिल करना है। उनका कहना है कि वीडियो की सामग्री अवैध तरीके से तैयार की गई है और इसमें देश व प्रदेश के कई नेताओं के नाम घसीटकर सनसनी फैलाने की कोशिश की जा रही है। राठौड़ ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की फोरेंसिक जांच कराई जाए, संबंधित मोबाइल फोन जब्त किए जाएं और जो लोग झूठा प्रचार कर रहे हैं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि जांच के बाद “दूध का दूध, पानी का पानी” हो सके और सच साफ तौर पर जनता के सामने आ सके।
मोबाइल जब्त कर सच सामने लाए सरकार
पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ का आरोप है कि उनके खिलाफ जो वीडियो और सामग्री वायरल हो रही है, वह अवैध तरीके से तैयार की गई है और इसका मकसद उनकी और भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचाना है। वह कहते हैं कि पिछले डेढ़ साल से उनके खिलाफ ऐसी हरकतें की जा रही हैं, जिनसे समाज में सनसनी और अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है। इसी कारण उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पूरी घटना की फोरेंसिक जांच कराई जाए, संबंधित मोबाइल फोन जब्त किए जाएं और तकनीकी जांच के आधार पर सच्चाई सार्वजनिक की जाए, ताकि झूठा प्रचार करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके और निष्पक्ष जांच के बाद “दूध का दूध, पानी का पानी” हो सके।
