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दबाव या रूटीन प्रक्रिया…?चमोली में विवाद के बाद जिला आबकारी अधिकारी को भेजा गया छुट्टी पर, आराधना रावत को सौंपी गई कमान

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देहरादून/चमोली: चमोली जिले में आबकारी विभाग से जुड़ा विवाद आखिरकार जिला आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वरी लाल त्रिपाठी पर भारी पड़ गया। आयुक्त आबकारी ने उन्हें जिले से छुट्टी पर भेज दिया है। उनके स्थान पर फिलहाल आराधना रावत को जिले की कमान सौंपी गई है। इस फैसले के बाद जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी के दबाव में यह निर्णय लिया गया।

क्या है पूरा मामला?

ज़िलाधिकारी संदीप तिवारी के द्वारा जिला आबकारी कार्यालय पर छापा मार कर कार्रवाई की थी जिसके बाद जिला आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वरी लाल त्रिपाठी ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा था। उनके पत्र में अपना पक्ष कई गंभीर बातें लिखी थीं। इस पत्र के सामने आने के बाद जिला प्रशासन में हलचल मच गई। माना जा रहा है कि इस पत्र के बाद ही प्रशासन ने उन्हें हटाने का निर्णय लिया। हालांकि, अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

जिले में उठे सवाल

इस फैसले के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या दुर्गेश्वरी लाल त्रिपाठी का तबादला केवल प्रशासनिक प्रक्रिया थी, या फिर उनके पत्र ने ही उनके स्थानांतरण की भूमिका तैयार की? कई जानकारों का कहना है कि जिलाधिकारी के दबाव में यह फैसला लिया गया है। हालांकि, प्रशासन ने इस मामले में किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

नई अधिकारी की जिम्मेदारी

दुर्गेश्वरी लाल त्रिपाठी के छुट्टी पर होने के कारण आराधना रावत को जिले की नई जिला आबकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने चमोली जिले में प्रशासनिक फेरबदल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आबकारी विभाग में बदलाव के बाद अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि आगे क्या होता है।