Headlines

लोहाघाट में टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप, क्षेत्र पंचायत सदस्यों का धरना दूसरे दिन भी जारी

खबर शेयर करें -

चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक में 16 क्षेत्र पंचायत सदस्य राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त के वितरण तथा योजनाओं के टेंडर में अनियमितताओं के आरोप लगा रहे हैं। 31 दिसंबर से प्रकाश सिंह धामी के नेतृत्व में खंड विकास अधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है, जो नए साल के पहले दिन भी जारी रहा। सदस्यों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक धरना नहीं हटेगा।


क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कहना है कि उन्होंने ग्राम और क्षेत्र विकास के लिए कई प्रस्ताव ब्लॉक प्रमुख व खंड विकास अधिकारी को दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। राज्य-केंद्रीय वित्त की योजनाओं में ये प्रस्ताव शामिल नहीं किए जा रहे, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सदस्यों ने इसे घोर लापरवाही बताया। स्वीकृत योजनाओं के टेंडर खुली बोली के बिना गुपचुप तरीके से दिए जा रहे हैं, जो जिम्मेदार अधिकारियों की अनियमितता दर्शाता है। पंचायत सदस्यों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। धरनाकारियों ने मांग की है कि पारदर्शिता सुनिश्चित हो और विकास निधि का सही उपयोग हो।

उग्र आंदोलन की धमकी, विकास कार्य ठप


लोहाघाट ब्लॉक के 16 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने वित्त वितरण और टेंडर अनियमितताओं के खिलाफ खंड विकास कार्यालय पर दूसरे दिन भी धरना जारी रखा। धरना स्थल पर ब्लॉक प्रमुख और खंड विकास अधिकारी की ‘बुद्धि शुद्धि’ के लिए सुंदरकांड का पाठ किया गया, लेकिन दोनों अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचे। सदस्यों ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो अनिश्चितकालीन धरना चलेगा।


क्षेत्र पंचायत सदस्यों का आरोप है कि उनके गांवों-क्षेत्रों का विकास रुक गया है। पुराने कार्य ठप पड़े हैं और निधि मनमाने ढंग से वितरित हो रही है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्कर सिंह बोहरा व प्रतिनिधि अंकित कुंवर ने धरने को पूरा समर्थन दिया, कहा सौतेला व्यवहार बंद हो। अगर सकारात्मक कदम न उठे तो उग्र आंदोलन होगा, जिम्मेदारी विभाग की। खंड विकास अधिकारी कविंद्र सिंह रावत ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। सदस्यों ने कहा जब तक मांगें पूरी न हों, धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा। यह आंदोलन क्षेत्रीय विकास के लिए पारदर्शिता की मांग को तेज कर रहा है।