उत्तराखंड में शीतकालीन चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है अब तक बद्रीनाथ धाम के शीतकालीन गद्दी स्थल ज्योर्तिमठ में 907, केदारनाथ धाम के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में 4874, गंगोत्री धाम के शीतकालीन गद्दी स्थल मुखबा में 1553, जबकि यमुनोत्री धाम के गद्दी स्थल खरसाली में 656 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इस प्रकार अब तक कुल 7990 श्रद्धालु शीतकालीन यात्रा के अंतर्गत अब तक चारों धामों के गद्दी स्थल पर दर्शन कर चुके हैं। सरकार का अनुमान है कि आने वाले दिनों में शीतकालीन यात्रा में और अधिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जिसको लेकर लेकर सीएम धामी ने कहा कि शीतकालीन यात्रा की शुरुआत राज्य सरकार ने पिछले वर्ष की थी और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
शीतकालीन यात्रा से 12 महीने पर्यटन बूस्ट
सीएम ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड में पर्यटन को 12 महीने निरंतर चलाए रखना है, ताकि होटल व्यवसायियों, वाहन चालकों, दुकानदारों और पर्यटन से जुड़े अन्य लोगों को सालभर रोजगार मिल सके। चारधाम यात्रा और पर्यटन से जुड़े सभी लोगों की आजीविका पूरे वर्ष चलती रहे, इसी सोच के साथ शीतकालीन यात्रा को आगे बढ़ाया जा रहा है। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 30 नवंबर को मन की बात कार्यक्रम में उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा का उल्लेख किया, जिससे पूरे देश और दुनिया को राज्य में शीतकालीन पर्यटन के महत्व की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि शीतकाल में उत्तराखंड का मौसम, स्वच्छ पर्यावरण, शुद्ध हवा और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। सीएम ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए देश-दुनिया के पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे शीतकालीन यात्रा के लिए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों का खुले दिल से स्वागत करेगी और उन्हें एक सुखद व सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाएगा।
