उत्तराखंड शीतकालीन यात्रा: बढ़ रही श्रद्धालुओं-पर्यटकों की आमद, आंकड़ा 27000 से पार

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उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन जारी है, यद्यपि प्रदेश के चारधाम क्षेत्र के कपाट बंद है लेकिन शीतकालीन क्षेत्र में यात्रा अभी सुचारु है। उत्तराखंड में 12 माह पर्यटन को सुचारु रखने और राज्य को पर्यटन हब के रुप में विकसीत करने के लिए केंद्र और राज्य की सरकार अपना पुरजोर प्रयास कर रही हैं। वहीं बीते समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब उत्तराखंड के मुखबा में एक दिवसीय प्रवास के लिए आए थे तो उस समय भी प्रधानमंत्री मोदी ने देश-विदेश की जनता को शीतकालीन यात्रा का न्यौता दिया था।

उत्तराखंड में धाम क्षेत्रों के कपाट बंद होने के बाद से अभी तक कुल 27000 से भी अधिक श्रद्धालुओं ने शीतकालीन यात्रा कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। सरकार का मानना है कि राज्य के धार्मिक स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूती देने से प्रदेश में पर्यटन 12 माह चालू किया जा सकता है, जिससे न सिर्फ पर्यटकों की आमद बढ़ेगी बल्कि उत्तराखंड की आर्थिकी को मजबूत करने की दिशा में भी यह कारगर सिद्ध होगी।

रोजना 500+ भक्त पहुंच रहे शीतकालीन स्थल


उत्तराखंड पर्यटन के सचिव धीरज गर्ब्याल ने बताया कि श्रद्धालुओं ने सबसे अधिक रुख बाबा केदार के शीतलकालीन प्रवास स्थल ओंकारेश्वर मंदिर का किया है, इस कड़ी में 17000 से भी अधिक श्रद्धालुों ने यहां बाबा केदार के दर्शन प्राप्त किए। पर्यटन सचिव ने कहा कि शीतकालीन स्थलों पर 500 से ज्यादा श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन कर रहे हैं। बद्रीनाथ धाम की पूजा पांडुकेश्वर और नरसिंह मंदिर जोशीमठ में होती है दोनों जगह पर अब तक 6400 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। यमुनोत्री धाम की शीतकालीन पूजा खरसाली में होती है खरसाली में 1017 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए हैं वही गंगोत्री धाम के प्रवास स्थल मुखवा में 3300 श्रद्धालुओं ने अब तक दर्शन किए हैं। सचिव पर्यटन ने बताया है कि 15 जनवरी 2026 तक 27000 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने अब तक दर्शन किए हैं।