देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में साइबर अपराधियों का एक बड़ा और हैरान करने वाला नेटवर्क सामने आया है। देश के दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में अंजाम दी गई साइबर ठगी की रकम देहरादून के प्रमुख सिटी सेंटर स्थित विभिन्न बैंकों के एटीएम से निकाली जा रही है। केंद्रीय साइबर पोर्टल से मिली रिपोर्ट के आधार पर देहरादून पुलिस ने केस दर्ज कर इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट की जांच शुरू कर दी है।
डालनवाला थाना इंस्पेक्टर विनोद गुसाईं के मुताबिक, केंद्रीय पोर्टल से अलर्ट मिलने के बाद करनपुर चौकी इंचार्ज विक्की टम्टा की तहरीर पर अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जालसाजों ने अवैध रकम निकालने के लिए करनपुर, ईसी रोड, राजपुर रोड, दर्शन लाल चौक, सर्कुलर रोड और क्रॉस रोड जैसे व्यस्त इलाकों के एटीएम बूथों का इस्तेमाल किया है।
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रमुख इलाकों के एटीएम से ठगों ने अब तक 5,61,256 रुपये की अवैध निकासी की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपनिरीक्षक मनोज सिंह रावत को जांच सौंपी गई है। पुलिस अब उन बैंक खाताधारकों को चिह्नित कर पूछताछ की तैयारी कर रही है, जिनके खातों में ठगी का पैसा ट्रांसफर हुआ था और फिर एटीएम से निकाला गया।
दूसरी तरफ, देहरादून में टेलीग्राम ऐप के जरिए पार्ट टाइम जॉब और टास्क के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के जोगीवाला निवासी पारितोष नौटियाल से ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर टास्क पूरा करने का झांसा देकर 1.01 लाख रुपये ठग लिए गए।
थाना प्रभारी देवेंद्र चौहान ने बताया कि पीड़ित को 14 और 15 सितंबर को टेलीग्राम पर पैसे कमाने का लालच दिया गया था। झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग यूपीआई आईडी पर कुल 1,01,600 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो ठगों ने रकम लौटाने से मना करते हुए 1.25 लाख रुपये की और मांग की।
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से आरोपियों की यूपीआई आईडी और लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दिया है।
