देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से पर्वतीय जिलों पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग के लिए 1 सितंबर से प्रस्तावित जीएमओयू की 11 ‘हिमगिरी’ बस सेवाओं पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। हरिद्वार के एक ट्रांसपोर्टर द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद परिवहन विभाग अब मामले में कानूनी राय ले रहा है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरटीए अध्यक्ष की अनुमति से ही इन सेवाओं को मंजूरी मिल सकेगी।
जीएमओयू पहली बार देहरादून से सीधे टिहरी, पौड़ी और चमोली के दूरस्थ इलाकों के लिए अपनी नई बस सेवाएं शुरू करने की तैयारी में था। राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा परमिट जारी किए जा चुके थे, साथ ही 9 बसों की समयसारिणी और किराया दरें भी तय कर ली गई थीं।
बीते 13 अगस्त को हुई आरटीए बैठक में परमिट पर सवाल उठने के बाद कानूनी राय लेने के निर्देश दिए गए थे। विभागीय प्रक्रिया में समय लगने के कारण 1 सितंबर से बसों का नियमित संचालन शुरू होने की उम्मीद काफी कम है। बसें न चलने से गढ़वाल के दूरस्थ गांवों से देहरादून आने वाले ग्रामीणों, छात्रों और मरीजों को सुगम सफर के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
इनमें देहरादून से ऋषिकेश-श्रीनगर-कर्णप्रयाग-चमोली-पीपलकोटी-जोशीमठ, देहरादून से ऋषिकेश-देवप्रयाग-सतपुली-एकैशवर-पोखड़ा-बैजरो, देहरादून से ऋषिकेश-श्रीनगर-कर्णप्रयाग-चमोली-गोपेश्वर-रोपा बछेर, देहरादून से ऋषिकेश-देवप्रयाग-श्रीनगर-रुद्रप्रयाग-पोखरी-कलसिर, और देहरादून से ऋषिकेश-देवप्रयाग-श्रीनगर-रुद्रप्रयाग-कुंड-ऊखीमठ-सारी रूट शामिल हैं।
इसके अलावा देहरादून से ऋषिकेश-देवप्रयाग-पौड़ी-त्रिपालीसैण-थलीसैण, देहरादून से हरिद्वार-कोटद्वार-रथवाढाब-धूमाकोट-गोलीखाल, देहरादून से हरिद्वार-कोटद्वार-डेरियाखाल-रिखणीखाल-भौण तथा देहरादून से ऋषिकेश-लक्ष्मणझूला-गुमखाल-जहरीखाल-लैंसडाउन मार्ग पर भी ये बस सेवाएं प्रस्तावित की गई हैं।
बस सेवाओं की स्वीकृति और संचालन की स्थिति पर अधिकारियों का अलग-अलग पक्ष सामने आया है। इस पूरे मामले पर आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि देहरादून से चलने वाली जीएमओयू की इन बस सेवाओं के संबंध में विधिक राय ली जा रही है और राय मिलते ही मामला आरटीए अध्यक्ष के समक्ष रखा जाएगा, जिसके बाद ही अंतिम फैसला होगा।
दूसरी ओर, जीएमओयू के पर्यटन अधिकारी अनिल बरगली का कहना है कि देहरादून से बस सेवाओं के संचालन को लेकर उनकी पूरी तैयारी है और यदि 31 अगस्त तक आरटीओ देहरादून की तरफ से अनुमति मिल जाती है, तो 1 सितंबर से ही बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
