देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिधौली, देहरादून स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के छह मेधावी विद्यार्थियों को विशिष्ट ‘सिल्बर प्लेट पुरस्कार’ से सम्मानित किया, जिससे समारोह में मौजूद छात्रों और उनके परिजनों में भारी उत्साह देखने को मिला।
उपाधि पाने वाले सभी युवाओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से उनके जीवन के एक नए और अहम अध्याय की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की दहलीज पार करने के बाद अब ये युवा जीवन की वास्तविक और व्यावहारिक चुनौतियों का डटकर सामना करेंगे।
विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए सीएम धामी ने कहा कि जीवन में हर मुकाम पर सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत, अटूट लगन और निरंतर कुछ नया सीखते रहने की भावना बेहद जरूरी है। युवाओं को अपनी खुद की काबीलियत और परिश्रम के दम पर अपने लक्ष्य तय करने चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पूरा करने में देश के युवाओं की भूमिका सबसे बड़ी होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि नौजवानों की प्रतिभा और मेहनत से यह लक्ष्य अवश्य साकार होगा।
उत्तराखंड के युवाओं की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई निबंध प्रतियोगिता में ढाई लाख से अधिक छात्रों की भागीदारी यह साबित करती है कि यहां के युवा सामाजिक मुद्दों पर बेहद जागरूक हैं। जागरूक और प्रतिभाशाली युवा ही किसी भी राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य का असली आधार होते हैं।
वर्तमान दौर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी का युग बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश को शिक्षा और अनुसंधान का हब बना रही है। इसके तहत राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने के साथ दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना की गई है।
युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए देहरादून में ‘साइंस सिटी’ का निर्माण किया जा रहा है। सरकार का मुख्य प्रयास यह है कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले तक सीमित न रहें, बल्कि स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन सेंटर्स के जरिए स्वरोजगार अपनाकर दूसरों को भी रोजगार देने वाले बनें।
पारदर्शी व्यवस्था पर जोर देते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्तियों में पूरी पारदर्शिता के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इस पारदर्शी व्यवस्था के जरिए पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री अपनी वीआईपी गैलरी से नीचे उतरकर सीधे विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे और उनसे आत्मीय मुलाकात की। देश के विभिन्न कोनों से आए अभिभावकों ने मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर प्रसन्नता जताई और उनका आभार व्यक्त किया।
इस भव्य आयोजन के दौरान यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय और प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के तमाम शिक्षक, अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


