देहरादून जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस के अवैध संग्रहण, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग पर पूरी तरह सख्ती बरतने का फैसला किया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ऐसी अनियमितताएं पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और बीएनएस के तहत दोषियों को सीधे जेल भेजा जाएगा। जिले में 72 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जो 7.81 लाख घरेलू और 19,624 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई करती हैं। एजेंसियों के गोडाउन की लोकेशन प्रशासन के रडार पर हैं, और उप जिलाधिकारियों को रैंडम जांच के आदेश दिए गए हैं। अवैध संग्रहण या बिचौलियों की संलिप्तता मिलने पर एजेंसी सील कर दी जाएगी। घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर भी नियमित छापेमारी होगी। गैस वितरण शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां लोग सीधे संपर्क कर समस्याओं का समाधान पा सकेंगे। यह कार्रवाई हाल के ईरान-इजराइल तनाव से उपजी अफवाहों और कालाबाजारी को रोकने के लिए है, ताकि आमजन को राहत मिले। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि अवैध गतिविधियों की जानकारी तुरंत दें।
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