देहरादून में सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे अब सीएनजी 2 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी होकर 99 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार देर रात से लागू हुई इस नई दर के बाद वाहन चालकों पर आर्थिक बोझ और अधिक बढ़ गया है, क्योंकि पिछले दो महीनों के भीतर ही सीएनजी के दामों में कुल 11 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी वृद्धि हो चुकी है।
गेल कंपनी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले 23 मई को भी सीएनजी के दाम 3 रुपये बढ़ाए गए थे जिससे कीमत 97 रुपये हुई थी, और अब महज 10 दिनों के भीतर दोबारा 2 रुपये की बढ़ोतरी होने से कुल मिलाकर इन 10 दिनों में ही कीमतें 5 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुकी हैं। लगातार बढ़ती जा रही इन कीमतों के कारण ईंधन पर होने वाला खर्च तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आम जनता और व्यावसायिक वाहन चालकों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रहे इस इजाफे का सबसे बड़ा और सीधा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह सीएनजी वाहनों पर निर्भर हैं। ऑटो रिक्शा, टैक्सी और कैब चालकों की रोजमर्रा की कमाई इस बढ़ोतरी के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रही है क्योंकि ईंधन का खर्च बढ़ जाने से उनका शुद्ध मुनाफा लगातार कम होता जा रहा है। इसके साथ ही सीएनजी से चलने वाले निजी वाहन चालकों को भी अब अपनी जेबें अधिक ढीली करनी पड़ेंगी, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बनना शुरू हो गया है।
ईंधन के दामों में हुई इस लगातार वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक ही सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि इसका व्यापक असर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। परिवहन लागत में बढ़ोतरी होने के कारण आने वाले समय में फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आने की पूरी आशंका बनी हुई है। यदि माल ढुलाई महंगी होती है, तो दैनिक उपयोग की जरूरी चीजों के दाम बढ़ना तय है, जिसका अंतिम बोझ आम उपभोक्ताओं की जेब पर ही पड़ेगा।
