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Uttarakhand Election: सत्ता विरोधी माहौल की काट के लिए विधानसभा चुनाव में नए और युवा चेहरों को उतारेगी भाजपा

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देहरादून। उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता विरोधी माहौल की काट खोजने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कई सीटों पर नए और युवा चेहरों को उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का यह रणनीतिक कदम राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए उठाया जा रहा है।

राज्य में तैनात संगठन प्रभारियों और सह-प्रभारियों की टीम ने संगठन को चुनावी मोड में लाने के साथ ही नए व युवा चेहरों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व देने पर पूरा जोर दिया जा रहा है।

एक छोटा राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड की राजनीतिक तासीर हमेशा से काफी बड़ी रही है। उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद राज्य की सत्ता मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच ही घूमती रही है, और फिलहाल भाजपा लगातार दूसरे कार्यकाल में सत्ता में है।

लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण पार्टी के रणनीतिकार किसी भी संभावित सत्ता विरोधी रुझान का बारीकी से आकलन कर रहे हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए संगठन प्रभारियों की तीन सदस्यीय टीम, जिसमें प्रभारी राम माधव शामिल हैं, पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

सह-प्रभारी अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज भी लगातार राज्य का दौरा कर जमीनी फीडबैक जुटा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संपर्क और संवाद के दौरान युवाओं पर विशेष फोकस रखा जा रहा है, जिन्हें बदलाव के रूप में आगे लाया जा सकता है।

युवा मोर्चा और अन्य संगठनों के सक्रिय युवा चेहरों की दावेदारी को भी पूरी तरह परखा जा रहा है। पार्टी जल्द ही सभी विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की घोषणा करने जा रही है, जिनके कंधों पर प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी होगी।

अक्टूबर महीने में ही विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति का काम शुरू हो जाएगा। इन प्रभारियों के रूप में वरिष्ठ नेताओं और संघ के पूर्णकालिक सदस्यों को मैदान में उतारा जाएगा, जो स्थानीय समन्वय से चुनाव संभालेंगे। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी स्पष्ट किया है कि विधानसभा प्रभारियों की तैनाती की कवायद शुरू कर दी गई है। भाजपा के इस बड़े संगठनात्मक बदलाव से राज्य की राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है।