देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को देहरादून और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है, वहीं देहरादून-मसूरी हाईवे धंसने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, मंगलवार को देहरादून और बागेश्वर में मूसलाधार बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज बौछारें पड़ने की आशंका है। इसके अलावा टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है। पर्वतीय इलाकों में जगह-जगह भूस्खलन होने से 70 से ज्यादा सड़कें बंद हो चुकी हैं।
बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने चारधाम यात्रा को फिलहाल रोकने के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मार्ग में मौजूद तीर्थयात्रियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए। उधर, देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास सड़क का लगभग 10 मीटर हिस्सा धंसने के बाद वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।
दूसरी ओर, सीमांत जिले पिथौरागढ़ से राहत की खबर आई है। तवाघाट-लिपुलेख (कैलास मानसरोवर) मार्ग भूस्खलन के तीन दिन बाद दोपहर में खोल दिया गया है। रास्ता साफ होने के बाद धारचूला में फंसा मानसरोवर यात्रियों का चौथा दल गुंजी के लिए रवाना हो गया है। वहीं, यात्रा पूरी कर लौटा पहला दल धारचूला पहुँच गया है और पांचवां दल टनकपुर पहुँच चुका है।
लगातार हो रही बारिश के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून का अधिकतम तापमान 29.0 और न्यूनतम 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पंतनगर में अधिकतम 29.4 और न्यूनतम 25.1 डिग्री दर्ज हुआ। पहाड़ी इलाकों की बात करें तो मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री व न्यूनतम 16.0 डिग्री और नई टिहरी में अधिकतम 22.4 व न्यूनतम 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
