उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शातिर साइबर ठगों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां अपराधियों ने रक्षा मंत्रालय के एक पूर्व उच्च अधिकारी समेत दो नागरिकों को अपना निशाना बनाते हुए करीब आठ लाख रुपये की बड़ी चपत लगाई है।
पहला गंभीर मामला कैनाल रोड स्थित शिप्रा विहार कॉलोनी से सामने आया है। यहाँ रक्षा मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर जनरल के पद से रिटायर हुए वीरभद्र पचनंदा निवास करते हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि बीती 27 मई की रात को उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त हुआ था।
अनजाने में जैसे ही उन्होंने उस मैसेज को खोला, तो उसमें एक संदिग्ध APK फाइल मौजूद थी। उस फाइल पर क्लिक करते ही उनका पूरा मोबाइल फोन अचानक हैंग हो गया। इसके बाद, मात्र 15 से 20 मिनट के भीतर ही शातिर जालसाजों ने उनके बैंक की ऑफिशियल ऐप को पूरी तरह हैक कर लिया।
पीड़ित अधिकारी जब तक कुछ समझ पाते या कोई एक्शन ले पाते, तब तक ठगों ने NEFT और UPI के माध्यम से उनके खाते से ₹6 लाख की मोटी रकम उड़ा दी। उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और स्थानीय साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अब राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।
वहीं, साइबर ठगी की दूसरी वारदात आईटी पार्क, सहस्रधारा रोड स्थित साईं अपार्टमेंट में रहने वाले सावेज के साथ घटी। सावेज ने राजपुर पुलिस को बताया कि गत 21 अप्रैल को साइबर अपराधियों ने ईसी रोड स्थित उनके केनरा बैंक के खाते में अवैध रूप से सेंध लगाकर ₹1.98 लाख गायब कर दिए।
राजपुर थाना पुलिस ने दोनों ही मामलों को बेहद गंभीरता से लेते हुए धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है और साइबर विशेषज्ञों की मदद से गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम वर्तमान में उन सभी बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है जिनमें ठगी की गई राशि को ट्रांसफर किया गया है। इसके साथ ही, पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज, लुभावने लिंक या अज्ञात एपीके फाइल को डाउनलोड करने की भूल कतई न करें।
