देहरादून। दून और ऋषिकेश से पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन 1 सितंबर से राजधानी देहरादून से उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय रूटों के लिए अपनी सीधी बस सेवा शुरू करने जा रही है। देहरादून से परमिट मिलने के बाद पहली बार जीएमओयू की बसें सीधे राजधानी से संचालित होंगी, जिससे पहाड़ों की यात्रा करने वाले यात्रियों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
जीएमओयू के कोटद्वार मुख्यालय के पर्यटन अधिकारी अनिल बरगली ने बताया कि 1 सितंबर से नए परमिट पर देहरादून के भुड्डी गांव से ‘हिमगिरी एक्सप्रेस’ के नाम से बसों का संचालन होगा। शुरुआत में प्रतिदिन 11 बसें चलाई जाएंगी। यदि इन रूटों पर यात्रियों की संख्या बढ़ती है, तो दूसरे चरण में बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
यह सभी बसें देहरादून के भुड्डी गांव से रवाना होकर शिमला बाइपास, आईएसबीटी और रिस्पना पुल होते हुए ऋषिकेश पहुंचेंगी। पहले चरण में इन बसों का संचालन प्रमुख रुप से जोशीमठ, गोपेश्वर, ऊखीमठ, नागनाथ पोखरी, तिरपालीसैंण, बीरोंखाल, धुमाकोट पर्वतीय रूटों पर किया जाएगा।
जीएमओयू प्रबंधन ने इसके लिए समय-सारणी तैयार कर ली है और संचालन के लिए नया शाखा कार्यालय खोलने की तैयारी भी पूरी कर ली है। अब तक जीएमओयू की बसें केवल ऋषिकेश और हरिद्वार से ही संचालित होती थीं, जिसके कारण देहरादून से जाने वाले यात्रियों को ऋषिकेश पहुंचकर बसें बदलनी पड़ती थीं।
वहीं, देहरादून से सीधी बस सेवा शुरू होने से उत्तराखंड रोडवेज के ऋषिकेश डिपो की दैनिक आय प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले अधिकांश यात्री पहले जीएमओयू की बसों से ऋषिकेश आते थे और वहां से रोडवेज बसों से देहरादून पहुंचते थे। सीधी बस सेवा शुरू होने से ऋषिकेश डिपो के यात्रियों और राजस्व में कमी आ सकती है।
