ईरान ने लेबनान में हुए युद्धविराम समझौते के बाद एक बड़ा कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए फिर से खोल दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को इस ऐतिहासिक फैसले का ऐलान किया, जिससे वैश्विक व्यापार मार्ग पर लगा अवरोध हट गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे शांति की ओर एक बड़ा कदम बताया है। इस घोषणा के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखी गई है, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
होर्मुज जलमार्ग और युद्धविराम का असर
ईरान ने स्पष्ट किया है कि लेबनान और इजरायल के बीच चल रहे 10 दिवसीय युद्धविराम के दौरान यह जलमार्ग पूरी तरह खुला रहेगा। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से जहाजों को ईरानी बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा निर्धारित मार्ग का ही पालन करना होगा। जहाजों की आवाजाही के लिए ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। ट्रंप के अनुसार, ईरान इस बात पर भी सहमत हुआ है कि वह भविष्य में कभी इस जलमार्ग को हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं करेगा और अपना संवर्धित यूरेनियम सौंपने के लिए भी तैयार है।
कच्चे तेल की कीमतों और शेयर बाजार पर प्रभाव
इस खबर के आते ही वैश्विक बाजार में सकारात्मक हलचल शुरू हो गई। कच्चे तेल की कीमतें 13% तक गिरकर 86.52 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। इसके साथ ही डॉलर की मजबूती में भी कमी आई है और वह यूरो, पाउंड तथा येन के मुकाबले तेजी से नीचे गिरा है। वैश्विक शेयर बाजारों और बॉन्ड की कीमतों में भी उछाल देखा गया है। निवेशकों के लिए जो डॉलर ‘सुरक्षित निवेश’ बना हुआ था, अब वहां से पैसा निकलकर शेयर बाजार की ओर रुख कर रहा है।
ट्रंप का स्वागत और आगे की शर्तें
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस खबर को साझा करते हुए कहा कि युद्ध की लगभग सभी शर्तें मान ली गई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज जलमार्ग पर नौसैनिक नाकाबंदी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक ईरान के साथ हुआ समझौता 100% पूरा नहीं हो जाता। दुनिया के करीब 50 से अधिक देशों ने ईरान के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि होर्मुज जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है।
