उत्तराखंड में न्यूनतम वेतन बढ़ा: धामी सरकार का बड़ा तोहफा

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उत्तराखंड के निजी उद्योगों, इंजीनियरिंग इकाइयों और अनुसूचित संस्थानों में काम करने वाले 3 लाख से अधिक श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वेतन वृद्धि को मंजूरी दे दी है। सरकार ने वेतन पुनरीक्षण के बाद VDA को बढ़ाकर 518 रुपये कर दिया है। यह फैसला उन इंजीनियरिंग इकाइयों और उद्योगों पर लागू होगा जहाँ 50 या उससे अधिक श्रमिक काम करते हैं। खास बात यह है कि वेतन की ये नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, जिसका लाभ श्रमिकों को मई के वेतन में जुड़कर मिलेगा।

20 साल बाद हुआ वेतन का पुनरीक्षण

सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इंजीनियरिंग इकाइयों में वेतन का यह पुनरीक्षण पिछले लगभग 20 वर्षों से लंबित था। इस ऐतिहासिक बदलाव के लिए एक त्रिदलीय समिति का गठन किया गया था। 27 अप्रैल 2026 को हुई महत्वपूर्ण बैठक में सभी पक्षों की सहमति बनने के बाद राज्यपाल ने नई मजदूरी दरों पर अपनी मुहर लगा दी है।

ये हैं मजदूरी की नई तय दरें

सरकार द्वारा निर्धारित की गई नई श्रेणियों के अनुसार अब मासिक वेतन (VDA सहित) कुछ इस प्रकार होगा:

  • अकुशल श्रमिक: 13,800 रुपये मासिक
  • अर्धकुशल श्रमिक : 15,000 रुपये मासिक
  • कुशल श्रमिक : 16,900 रुपये मासिक

मजदूरी संहिता 2019 और भविष्य के नियम

इस अधिसूचना में यह भी साफ किया गया है कि केंद्र सरकार की ‘मजदूरी संहिता 2019’ को प्रभावी कर दिया गया है। फिलहाल ‘मजदूरी संहिता नियमावली 2026’ को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। भविष्य में जब भी वेतन का दोबारा निर्धारण होगा, तो वह इन्हीं नए नियमों के आधार पर किया जाएगा।