मई-जून के बढ़ते तापमान और उसके बाद बरसात को देखते हुए सूबे का स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर दिखाई दे रहा है। दरअसल ऐसे मौसम में डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है। लिहाजा सभी जिला और बेस अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया के खतरे से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिसमें डेगू और चिकनगुनिया के मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड बनाए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को व्यापक इंतजाम करने को कहा हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक अस्पतालों के सभी वार्डों में मच्छरदानी युक्त बिस्तरों के इतंजाम को कहा गया है। प्रत्येक वार्ड के लिए नोडल अफसर नामित करने के निर्देश भी दिए हैं।
वहीं जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समन्वय बैठकें कराए जाने को भी कहा गया है ताकि नगर निकाय, पंचायती राज और स्वास्थ्य विभाग के तालमेल से डेंगू और चिकनगुनिया को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाए जा सकें।
वहीं स्वास्थ्य महानिदेशक ने प्रभावित क्षेत्रों में सघन फीवर सर्विलांस, लार्वीसाइड छिड़काव, फॉगिंग और जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं। जबकि आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की पहचान करने के कहा गया हैं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बरसात के बाद डेंगू-चिकनगुनिया का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है, समय रहते तैयारी करने से हालात पर काबू पाया जा सकेगा. सभी सीएमओ को रोजाना रिपोर्ट भेजने को भी कहा गया है।
