देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने ओलंपिक-2036 को ध्यान में रखते हुए राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को तराशने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने खेल विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल खेलों को चिह्नित कर एथलीटों को अभी से वैज्ञानिक प्रशिक्षण देने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने विभाग को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर मिशन मोड में काम करने को कहा। प्राथमिक चरण में राज्य के ऐसे खेलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनमें स्थानीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।
प्रतिभावान एथलीटों की खोज के लिए प्रदेश भर में व्यापक स्तर पर ‘टैलेंट हंट’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित रखा जाएगा। इसके तहत खिलाड़ियों की फिटनेस, क्षमता और खेल कौशल का पारदर्शी मूल्यांकन किया जाएगा।
योजना के पहले चरण में 100 से 150 प्रतिभावान बच्चों को चिह्नित कर उनका प्रशिक्षण तुरंत शुरू किया जाएगा। इन बच्चों को आधुनिक कोचिंग, विशेष फिटनेस प्लान और सभी आवश्यक खेल सुविधाएं प्रो-एक्टिव मोड में उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
प्रतिभाओं की पहचान की शुरुआत स्कूल स्तर से ही की जाएगी। इसके लिए स्कूल एजुकेशन सिस्टम में खेलों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। साथ ही, स्कूलों में तैनात पीटीआई को विशेष रूप से संवेदनशील और दक्ष बनाया जाएगा, जिससे वे शुरुआती स्तर पर ही बच्चों की प्रतिभा को पहचान कर उसे सही दिशा दे सकें।
राज्य में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वर्तमान खिलाड़ियों को देश-विदेश के शीर्ष प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जाएगा। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद यही खिलाड़ी भविष्य में प्रशिक्षित कोच के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। इससे आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर के योग्य कोच मिल सकेंगे।
मुख्य सचिव ने बच्चों के चिन्हीकरण से लेकर कोचिंग और ट्रेनिंग की शुरुआत के लिए समय सीमा तय करने के आदेश दिए हैं। प्रत्येक चरण की प्रगति की नियमित रूप से उच्च स्तर पर समीक्षा की जाएगी, जिससे योजना में किसी भी तरह की देरी न हो।
समीक्षा बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. रणवीर सिंह चौहान और अपर सचिव नमामि बंसल सहित शासन व खेल विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
