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उत्तराखंड के पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’, 34 ग्रामीण मार्ग बंद

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देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से चार जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी इस पूर्वानुमान के कारण राज्य के आम जनजीवन, स्थानीय यातायात और चारधाम यात्रियों पर सीधा असर पड़ा है।

मौसम विभाग ने विशेष रूप से पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों के स्थानीय निवासियों और यात्रियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन मुख्य जिलों के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज और बिजली चमकने के साथ तेज दौर की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। वहीं मैदानी क्षेत्र के हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने के आसार बने हुए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आने वाले दिनों में भी राहत की उम्मीद नहीं है क्योंकि नौ जुलाई तक पूरे प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही बना रहेगा। लगातार हो रही इस मानसूनी बारिश के चलते शासन और प्रशासन को भी चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड में सड़कों पर आफत: बदरीनाथ हाईवे समेत 34 ग्रामीण मार्ग बंद

पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही इस मानसूनी बारिश के चलते उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में कुल 34 ग्रामीण मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए हैं। सड़कों के अवरुद्ध होने से स्थानीय ग्रामीणों को बेहद गंभीर परेशानियों और रोजमर्रा की आवाजाही के संकट का सामना करना पड़ रहा है।

इससे पहले राज्य में हुई भारी बारिश के चलते बृहस्पतिवार को भी कुल 32 मार्ग बंद हो गए थे। इस दौरान बदरीनाथ हाईवे भी मलबे और भूस्खलन के कारण करीब साढ़े 11 घंटे तक पूरी तरह बंद रहा था, जिससे तीर्थयात्रियों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ी थी। शुक्रवार को भी प्रदेश के 34 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद रहे।

चमोली और पिथौरागढ़ जिले में सबसे ज्यादा तबाही

सड़कें बंद होने के मामले में राज्य का चमोली जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां अकेले दस ग्रामीण मार्ग मलबे के कारण ठप पड़े हैं। इसके बाद सीमांत जिला पिथौरागढ़ दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है, जहां वर्तमान में आठ मार्ग बंद हैं।

अन्य जिलों की स्थिति पर नजर डालें तो देहरादून में छह, टिहरी में चार, रुद्रप्रयाग में तीन, पौड़ी में दो और बागेश्वर जिले में एक ग्रामीण मार्ग पूरी तरह से बंद चल रहा है। लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से इन बंद पड़े सभी मार्गों को मशीनों के जरिए फिर से खोलने की कार्रवाई लगातार की जा रही है।

कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित, 25 गांवों में बत्ती गुल

बारिश के कारण केवल यातायात ही नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह से बाधित हुई थी। चमोली जिले के विद्युत खंड नारायणबगड़ के अंतर्गत आने वाले 20 गांवों और विद्युत खंड देवाल के तहत आने वाले पांच गांवों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। हालांकि, राहत की बात यह है कि विद्युत विभाग की टीम द्वारा इन्हें अब सुचारू कर दिया गया है।