उत्तराखंड में 6 करोड़ यूनिट पहुंची बिजली की मांग, जानिए बाजार से बिजली खरीदने पर UPCL ने कितने करोड़ फूंके

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उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए घाटे से उबरकर 328 करोड़ रुपये का बंपर मुनाफा कमाया है। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, इस वित्तीय वर्ष में कंपनी की कुल आय बढ़कर 11,715 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले वर्ष 11,032 करोड़ रुपये थी।

हालांकि, निगम की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा बिजली खरीद की चुनौती से निपटने में खर्च हुआ है, जहां बिजली खरीद का खर्च 9,170 करोड़ से बढ़कर 9,407 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्तमान में राज्य में बिजली की कुल मांग करीब छह करोड़ यूनिट है, जिसके सापेक्ष राज्य और केंद्रीय पूल को मिलाकर कुल 3.9 करोड़ यूनिट बिजली ही उपलब्ध हो पाती है; यही वजह है कि यूपीसीएल को उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अभी भी बाजार से करीब दो करोड़ यूनिट बिजली प्रतिदिन खरीदनी पड़ रही है।

इसके बावजूद, कंपनी ने बिजली चोरी और लाइन लॉस को 14.55 प्रतिशत से घटाकर 13.58 प्रतिशत पर लाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है, और बिलिंग दक्षता भी सुधरकर 87.92 प्रतिशत हो गई है। कर्मचारियों के वेतन व अन्य लाभों पर 509 करोड़ रुपये तथा मरम्मत व रखरखाव पर 507 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि 31 मार्च 2026 तक यूपीसीएल की कुल संपत्ति और देनदारियों का आकार बढ़कर 14,646 करोड़ रुपये हो गया है।