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नई बसों की खरीद के लिए बैंकों से लोन जुटा रहा उत्तराखंड परिवहन निगम

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देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम ने राज्य के यात्रियों को सफर में राहत देने और अपने बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए 250 नई बसें खरीदने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। रोडवेज प्रबंधन द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस बड़ी खरीद के लिए निगम को करीब 100 करोड़ रुपये का लोन लेना होगा। इस बड़े फैसले का सीधा असर प्रदेश के दैनिक यात्रियों और राज्य की परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा।

परिवहन निगम की इस तत्परता के पीछे एक बड़ा कारण पुरानी बसों का सड़कों से हटना भी माना जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, परिवहन निगम में फरवरी 2027 तक लगभग 200 बसें अपने तय मानक पूरे कर रूट से हटने की स्थिति में पहुंच जाएंगी। यात्रियों को भविष्य में होने वाली असुविधा से बचाने के लिए निगम ने नई बसों की टेंडर प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है।

250 नई बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू

रोडवेज प्रबंधन इस समय 250 नई बसों को अपने बेड़े में शामिल करने के लिए पूरी तरह जुट गया है। रोडवेज के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, इन सभी बसों की समय पर खरीद सुनिश्चित करने के लिए कुल 100 करोड़ रुपये तक की वित्तीय जरूरत है। इस राशि को ऋण के माध्यम से जुटाया जाएगा।

परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक रीना जोशी के अनुसार, बस खरीद की इस पूरी कवायद को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया तेजी से चल रही है। रोडवेज प्रशासन इस आवश्यक राशि को लोन के माध्यम से जुटाने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से संपर्क साध रहा है।

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा से भी मिलेगी बड़ी मदद

सड़क परिवहन को मजबूत करने की इसी कड़ी में राज्य को केंद्र सरकार की ओर से भी एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत उत्तराखंड को कुल 137 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की जानी हैं। इन आधुनिक ई-बसों के बेड़े में शामिल होने से पर्यावरण संरक्षण को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।

इन 137 ई-बसों के संचालन को लेकर रूट और प्रबंधन की रूपरेखा भी पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है। योजना के अनुसार, आवंटित की जाने वाली कुल बसों में से 100 बसों का संचालन सीधे राजधानी देहरादून में किया जाएगा। वहीं, शेष बची 37 बसों को धार्मिक नगरी हरिद्वार के विभिन्न मार्गों पर संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

दून-हरिद्वार में बनेंगे आधुनिक चार्जिंग स्टेशन

परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक रीना जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत मिलने वाली ये आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें आगामी दो माह के भीतर राज्य को प्राप्त हो सकती हैं। इन सभी बसों का सुचारू संचालन DCTL के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक बसों के निर्बाध संचालन के लिए शहरों में बुनियादी ढांचा और चार्जिंग स्टेशन तैयार करना विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी के तहत देहरादून में ट्रांसपोर्ट नगर को मुख्य चार्जिंग स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए चुना गया है। इसके साथ ही, हरिद्वार में रोडवेज वर्कशॉप को भी अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन के तौर पर पूरी तरह तैयार किया जाएगा ताकि बसों के संचालन और चार्जिंग में कोई बाधा न आए।

ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, 250 नई बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया और प्रधानमंत्री ई-बस सेवा का यह दोहरा कदम उत्तराखंड परिवहन को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा। 100 करोड़ रुपये का ऋण लेकर बसों की संभावित कमी को समय से पहले पूरा करना राज्य की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के आधुनिकीकरण में मील का पत्थर साबित होगा।